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Saturday, April 25, 2026

उत्तराखंड में हरेला पर्व बनेगा पर्यावरण चेतना का महापर्व पूर्व सैनिकों के माध्यम से सरकार ने इस बार हरेला पर्व को जन आंदोलन की शक्ल देने की योजना बनाई है, जिसमें लाखों पौधे लगेंगे।

 

 

उत्तराखंड में हरेला पर्व बनेगा पर्यावरण चेतना का महापर्व

पूर्व सैनिकों के माध्यम से सरकार ने इस बार हरेला पर्व को जन आंदोलन की शक्ल देने की योजना बनाई है, जिसमें लाखों पौधे लगेंगे।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

देहरादून, 13 जुलाई। प्रदेशभर के पूर्व सैनिकों से आव्हान करते हुए सैनिक कल्याण मंत्री ने कहा कि वे हरेला पर्व के वृक्षारोपण अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाएं और पर्यावरण संरक्षण में अग्रणी भूमिका निभाएं। इस बाबत उन्होंने रविवार को पूर्व सैनिकों के साथ हरेला पर्व के संबंध में बैठक की।

 

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि इस बार हरेला पर्व के अवसर पर पूर्व सैनिकों द्वारा प्रदेशभर में दो लाख से अधिक पौधे रोपे जाएंगे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की इस पारंपरिक पर्व को न केवल सांस्कृतिक पहचान से जोड़ना है, बल्कि इसे हरियाली और पर्यावरण जागरूकता का सशक्त माध्यम भी बनाना है। इस दौरान सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने 16 जुलाई को हरेला पर्व के अवसर पर एक पेड़ मां के नाम अभियान के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रमों में अधिक से अधिक संख्या में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने का आव्हान भी किया।

 

उन्होंने कहा कि यह अभियान सामाजिक चेतना, पर्यावरण सरंक्षण और राष्ट्र सेवा का प्रतीक बनेगा। मंत्री ने कहा कि पूर्व सैनिकों ने राष्ट्र की रक्षा के लिए जो सेवा दी है, अब उसी समर्पण भाव से वे प्रकृति की रक्षा के लिए भी आगे आ रहे हैं। उन्होंने सभी से हरेला पर्व को हरित क्रांति के रूप में बदलने का संकल्प हम सभी को लेना होगा।

 

बैठक में सैनिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष कर्नल (सेनि) रघुवीर सिंह भंडारी, कर्नल (सेनि) रविन्द्र सिंह रांगडा, पीबीआरओ अध्यक्ष शमशेर सिंह बिष्ट, सूबेदार राकेश प्रसाद, हवलदार विक्रम सिंह, सोबन सिंह रावत, जसपाल, राजे सिंह रावत सहित कई पूर्व सैनिक उपस्थित रहे।

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