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Thursday, June 4, 2026

आकृति रावत ”बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ“ मुहिम का एक सार्थक उदाहरण भी हैं: श्री महाराज जी  

 

आकृति रावत ”बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ“ मुहिम का एक सार्थक उदाहरण भी हैं: श्री महाराज जी

एसजीआरआरयू की एनसीसी कैडेट आकृति रावत ने विश्वविद्यालय के साथ साथ उत्तराखण्ड का मान भी बढ़ाया है। उत्तराखण्ड की बेटी आकृतिy रावत ने गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) की परेड में उत्तराखण्ड निदेशालय का प्रतिनिधित्व किया।
श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के प्रेसीडेंट श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने विश्वविद्यालय की ओर से उन्हें 51,000 रुपये (इक्यावन हज़ार रुपये) का चेक प्रदान कर सम्मानित किया।
मंगलवार को आकृति रावत ने श्री दरबार साहिब में माथा टेका और श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज से आशीर्वाद लिया। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के प्रेसीडेंट श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने आकृति रावत को इस उपलब्धि पर बधाई एवम् शुभकामनाएं दीें। उन्होंने आकृति को श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय की ओर से 51,000/- इक्यावन हज़ार रुपये का चेक प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने कहा कि बेटियों को और बढ़ावा देने के लिए हर सम्भव पहल की जानी चाहिए। ऐसी बेटियां युवाओं के लिए राॅल माॅडल व पूरे समाज के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं। आकृति रावत ”बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ“ मुहिम का एक सार्थक उदाहरण भी हैं।
आकृति रावत की उपलब्धि पर एसजीआरआर विश्वविद्यालय परिवार गौरवांन्वित है।
श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के फैकल्टी सदस्यों व छात्र-छात्राओं ने अपनी खुशी का इजहार करते हुए शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। आकृति रावत वर्तमान में श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय, देहरादून में मनोविज्ञान की छात्रा हैं। उन्होंने गणतंत्र दिवस पर उत्तराखंड निदेशालय का प्रतिनिधित्व किया। जिससे पूरे प्रदेश को गर्व की अनुभूति हुई।
आकृति रावत ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा श्री गुरु राम राय स्कूल, पब्लिक स्कूल, पटेल नगर से प्राप्त की। वह श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय मे मनोविज्ञान की छात्रा हैं। उनके परिवार और शिक्षकों के अनुसार, आकृति बचपन से ही मेहनती, जिम्मेदार, आज्ञाकारी और बहु-प्रतिभाशाली रही हैं। उन्होंने न केवल शैक्षणिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, बल्कि खेल, सामाजिक कार्य और एनजीओ गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभाई है।
गणतंत्र दिवस परेड के लिए चयन प्रक्रिया के दौरान, आकृति ने आईयूसी-आरडीसी कैंप में ‘बेस्ट येप कैडेट’ का स्वर्ण पदक जीता और इसके बाद आईजीसी-आरडीसी कैंप में भी स्वर्ण पदक हासिल किया। यह उनकी कठिन मेहनत और समर्पण का परिणाम था, जिससे उन्हें दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय गणतंत्र दिवस कैंप (आरडीसी-2025) में भाग लेने का अवसर मिला। उन्हें थलसेना अध्यक्ष (चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ) जनरल उपेंद्र द्विवेदी द्वारा उत्तराखंड निदेशालय की ‘सर्वश्रेष्ठ कैडेट’ के रूप में सम्मानित किया गया।
उन्होंने वायुसेना अध्यक्ष (चीफ ऑफ एअर स्टाफ) के कार्यक्रम में मास्टर ऑफ सेरेमनी (एमसी) की भूमिका निभाई।
आकृति को विदेशी प्रतिनिधियों के लिए स्पॉन्सर कैडेट के रूप में चुना गया, जो पूरे देश के केवल कुछ चुनिंदा कैडेट्स को ही मिलता है। उन्होंने उत्तराखंड निदेशालय के सांस्कृतिक कार्यक्रम में मुख्य भूमिका निभाई और प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया। आकृति की इन उपलब्धियों ने उत्तराखंड का नाम रोशन किया है। उनकी कड़ी मेहनत, समर्पण और नेतृत्व कौशल ने यह साबित किया कि यदि जुनून और दृढ़ संकल्प हो, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। उनकी सफलता प्रदेश की अन्य युवतियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है।

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